ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 37. मरुतगणों की स्तुति और उनकी कृपा की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 37 मरुतगणों को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि मरुतों की शक्ति, उनके रथों, उनके वेग और उनके कार्यों का वर्णन करते हैं. साथ ही उनसे यजमान के लिए धन, संरक्षण और दीर्घायु की प्रार्थना भी की गई है. मरुतगणों का आह्वान सूक्त के प्रारंभ में मरुतगणों का आह्वान…