ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 57 | इन्द्र की महिमा, यज्ञ की रक्षा और वज्र का वैदिक महत्व
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 57 इन्द्र की महिमा का अत्यंत प्रभावशाली चित्र प्रस्तुत करता है. इस सूक्त में ऋषि उन्हें केवल अपार शक्ति वाले देवता के रूप में नहीं, बल्कि यज्ञों के संरक्षक, भक्तों के हितैषी तथा धर्म की स्थापना करने वाली दिव्य शक्ति के रूप में स्मरण करते हैं. सूक्त के प्रारम्भिक…