ऋग्वेद में इंद्र और वरुण की संयुक्त स्तुति: सूक्त 17 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 17 इंद्र और वरुण देव की संयुक्त स्तुति को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि दोनों देवताओं से रक्षा, समृद्धि, कल्याण और उचित मार्गदर्शन की प्रार्थना करते हैं. पिछले लेख ऋग्वेद में इंद्र स्तुति और सोमयज्ञ: सूक्त 16 की सरल व्याख्या में इंद्र देव की महिमा और सोमयज्ञ का…