ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 128. अग्नि की स्तुति और यज्ञकर्ता की रक्षा
ऋग्वेद मंडल 1 का सूक्त 128 अग्नि को समर्पित है. इस सूक्त में अग्नि को यज्ञकर्ता के सहायक, देवताओं को हवि पहुंचाने वाले, यज्ञ को सफल बनाने वाले, धन और अन्न देने वाले तथा शत्रुओं से रक्षा करने वाले देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है. सूक्त के आरंभ में अग्नि को यज्ञ में…