ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 70. अग्नि का सर्वव्यापी स्वरूप और यज्ञ में उनका महत्व
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का यह सूक्त अग्नि देव की महिमा का वर्णन करता है. यहां ऋषि अग्नि को केवल यज्ञ की अग्नि के रूप में नहीं देखते, बल्कि उन्हें ऐसा देव बताते हैं जो समस्त सृष्टि में विद्यमान हैं. वे देवताओं और मनुष्यों के बीच सेतु हैं, यज्ञ को सफल बनाने वाले हैं और…