ऋग्वेद में इंद्र और अग्नि का संयुक्त आह्वान: सूक्त 21 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 21 इंद्र और अग्नि की संयुक्त स्तुति को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि दोनों देवताओं को यज्ञ में आमंत्रित करते हैं और उनसे संरक्षण, शक्ति तथा कल्याण की प्रार्थना करते हैं. पिछले लेख ऋग्वेद में ऋभुगणों की महिमा: सूक्त 20 की सरल व्याख्या में उत्कृष्ट कर्म और कौशल…