अथर्ववेद कांड 1 (भाग 6) : शरीर, शुद्धि और संतुलन की प्रक्रिया
जहाँ शरीर केवल शरीर नहीं रहता अब तक जो प्रवाह और ऊर्जा के रूप में सामने आया था, वही यहाँ शरीर के स्तर पर दिखाई देने लगता है. लेकिन शरीर को यहाँ केवल एक संरचना की तरह नहीं देखा गया. यह एक प्रक्रिया है.कुछ आता है,कुछ रुकता है,कुछ बाहर निकलता है. और इसी में संतुलन…