ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 56 | इन्द्र का पराक्रम, वृत्र-वध और जीवनदायी वर्षा का वैदिक रहस्य
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 56 इन्द्र के उस स्वरूप का परिचय कराता है जिसमें वे केवल युद्धवीर नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि के रक्षक, जल के मुक्तिदाता और धर्म की स्थापना करने वाले देवता के रूप में दिखाई देते हैं. इस सूक्त में बार-बार यह भाव उभरकर आता है कि इन्द्र की शक्ति का…