ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 47. अश्विनीकुमारों का आह्वान, सोमपान और धन की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 47 अश्विनीकुमारों को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि बार-बार अश्विनीकुमारों का आह्वान करते हैं और उनसे यज्ञ में आने, सोमपान करने, यजमान की रक्षा करने तथा धन और कल्याण प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं. उनके रथ और तीव्र गति का भी अनेक मंत्रों में उल्लेख मिलता है….