श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 9: भीष्म पितामह के उपदेश, धर्म का रहस्य और अंतिम साधना
पिछले अध्याय में कुंती माता की प्रार्थनाओं के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि सच्ची भक्ति केवल सुख में नहीं, बल्कि विपत्ति में भी भगवान को स्मरण करने से प्रकट होती है. यदि उस भाव को समझना हो, तो उसे कुंती की प्रार्थना और जीवन का गहरा दर्शन में विस्तार से देखा जा सकता है….