ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 85. मरुद्गणों की महिमा, वर्षा और यज्ञ में उनका आगमन
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 85 मरुद्गणों को समर्पित है. इस सूक्त में उनके तेज, गति, पराक्रम और वर्षा कराने वाले स्वरूप का अत्यंत सुंदर वर्णन मिलता है. ऋषि मरुद्गणों को आकाश और पृथ्वी में विचरण करने वाले, बादलों को गति देने वाले, शत्रुओं का नाश करने वाले तथा यज्ञ में आने वाले देवों…