ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 34. अश्विनीकुमारों का आह्वान और उनकी कृपा की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 34 अश्विनीकुमारों को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि बार-बार अश्विनीकुमारों का आह्वान करते हैं और उनसे यज्ञ में आने, हवि स्वीकार करने तथा यजमान को धन, अन्न और कल्याण प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं. अनेक मंत्रों में उन्हें दिन में तीन बार आने का निमंत्रण दिया गया…