ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 45. अग्नि द्वारा देवताओं के आह्वान की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 45 अग्नि देव को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि अग्नि से प्रार्थना करते हैं कि वे विभिन्न देवताओं को यज्ञ में लेकर आएं और यजमान के लिए कल्याणकारी बनें. अनेक मंत्रों में अग्नि को देवताओं का दूत, यज्ञ का संचालक और स्तुति सुनने वाला बताया गया है. अग्नि…