ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 31. अग्नि की स्तुति, रक्षा और समृद्धि की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 31 अग्नि देव को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि अग्नि की महिमा का वर्णन करते हुए उनसे धन, पुत्र, गौ, रक्षा, दीर्घायु और कल्याण की प्रार्थना करते हैं. अनेक मंत्रों में अग्नि को यज्ञ का संरक्षक, देवताओं तक हवि पहुंचाने वाला तथा यजमान का हित करने वाला बताया…