ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 105. विश्वेदेवों से सत्य, रक्षा और कल्याण की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 105 विश्वेदेवों को समर्पित है. इस सूक्त में देवताओं से अनेक प्रकार की प्रार्थनाएं की गई हैं. इसमें पृथ्वी और आकाश का स्मरण, सूर्य की किरणों का वर्णन, अग्नि के प्रति श्रद्धा, वरुण से मार्गदर्शन और रक्षा की प्रार्थना तथा अंत में इंद्र सहित मित्र, वरुण, अदिति, सिंधु, पृथ्वी…