ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 87. मरुद्गणों की दिव्य शक्ति, वर्षा और यज्ञ की रक्षा
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 87 मरुद्गणों की महिमा का वर्णन करता है. इस सूक्त में उनके तेजस्वी स्वरूप, वर्षा कराने की शक्ति, यज्ञ की रक्षा और इन्द्र के साथ उनके संबंध का उल्लेख मिलता है. ऋषि उन्हें सदैव जागरूक, बलशाली और अपने भक्तों का कल्याण करने वाले देवों के रूप में स्मरण करते…