संभूति और असंभूति क्या है? ईशावास्य उपनिषद मंत्र 12–14 की सरल व्याख्या
ईशावास्य उपनिषद में जैसे विद्या और अविद्या का संतुलन समझाया गया है, उसी प्रकार आगे के मंत्रों में संभूति और असंभूति का गहरा रहस्य बताया गया है. ये मंत्र मनुष्य को यह समझाते हैं कि केवल एक पक्ष को अपनाने से सत्य की पूर्ण प्राप्ति संभव नहीं होती. मंत्र 12 संस्कृत: अन्धं तमः प्रविशन्ति येऽसंभूतिमुपासते।ततो…