ऋग्वेद में इंद्र स्तुति और सोमयज्ञ: सूक्त 16 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 16 इंद्र देव की स्तुति को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि बार-बार इंद्र को सोमपान के लिए आमंत्रित करते हैं और उनसे यज्ञ में उपस्थित होकर साधकों को शक्ति तथा कल्याण प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं. पिछले लेख ऋग्वेद में इंद्र और मरुतगण की स्तुति: सूक्त 15…