ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 82. इन्द्र के रथ, हरि अश्व और यज्ञ में आगमन की प्रार्थना
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 82 इन्द्र देव को यज्ञ में आमंत्रित करने की प्रार्थना है. इस सूक्त में ऋषि बार-बार इन्द्र से निवेदन करते हैं कि वे अपने हरि नामक अश्वों को रथ में जोतकर यज्ञस्थल पर आएं, सोमरस ग्रहण करें और यजमानों को अपने दर्शन तथा कृपा से धन, बल और समृद्धि…