ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 74. अग्नि देव का यज्ञ में दूत स्वरूप और यजमान का संरक्षण
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 74 अग्नि देव की स्तुति में रचा गया है. इस सूक्त में ऋषि अग्नि को देवताओं तक हव्य पहुंचाने वाले दूत, यज्ञ की शोभा बढ़ाने वाले तथा यजमान के रक्षक के रूप में स्मरण करते हैं. साथ ही वे अग्नि से प्रार्थना करते हैं कि वे यज्ञ को सफल…