ऋग्वेद में सूर्य देव की महिमा: सूक्त 50 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 50 सूर्य देव की स्तुति करने वाले सबसे प्रसिद्ध सूक्तों में से एक है. इस सूक्त में सूर्य को केवल प्रकाश देने वाला ग्रह नहीं माना गया, बल्कि सम्पूर्ण जगत का साक्षी, जीवनदाता और धर्म के पथ को प्रकाशित करने वाली दिव्य शक्ति के रूप में देखा गया है….