ऋग्वेद में बृहस्पति और यज्ञ की महिमा: सूक्त 18 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 18 बृहस्पति, अग्नि, सोम तथा यज्ञ से जुड़े वैदिक विचारों को प्रस्तुत करता है. इस सूक्त में ऋषि विभिन्न देवशक्तियों का आह्वान करते हुए यज्ञ की सफलता, संरक्षण, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं. पिछले लेख ऋग्वेद में इंद्र और वरुण की संयुक्त स्तुति: सूक्त 17 की सरल…