ऋग्वेद में इंद्र और मरुतगण की स्तुति: सूक्त 15 की सरल व्याख्या
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 15 इंद्र और मरुतगण की स्तुति को समर्पित है. इस सूक्त में ऋषि इंद्र देव से प्रार्थना करते हैं कि वे मरुतों के साथ यज्ञ में आएँ और सोमरस का पान करें. पिछले लेख ऋग्वेद में अग्नि देव का आह्वान: सूक्त 14 की सरल व्याख्या में अग्नि के माध्यम…