ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 127. अग्नि की स्तुति और यज्ञ की महिमा
ऋग्वेद मंडल 1 का सूक्त 127 अग्नि को समर्पित है. इस सूक्त में अग्नि को देवताओं का आह्वान करने वाले, यज्ञ के माध्यम से देवताओं तक हवि पहुंचाने वाले, यजमान के रक्षक, धन प्रदान करने वाले और शत्रुओं का नाश करने वाले देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है. सूक्त के आरंभ में अग्नि…