ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 115. सूर्य देव की स्तुति और प्रकाश का वैदिक वर्णन
ऋग्वेद मंडल 1 का सूक्त 115 सूर्य देव को समर्पित है. इस सूक्त में सूर्य के उदय, उसके प्रकाश, उसकी किरणों और आकाश तथा पृथ्वी के बीच उसके प्रकाशमान स्वरूप का वर्णन किया गया है. सूक्त में सूर्य को देवताओं की ज्योति और जगत के स्थावर-जंगम प्राणियों के आत्मस्वरूप के रूप में प्रस्तुत किया गया…