ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 103. इंद्र के वीरता और शत्रु-विजय स्वरूप की स्तुति
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 103 देवता इंद्र को समर्पित है. इस सूक्त में इंद्र के प्रसिद्ध बल, उनके पराक्रम और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाले स्वरूप का वर्णन मिलता है. सूक्त की शुरुआत प्राचीन स्तोताओं द्वारा इंद्र के प्रसिद्ध बल को धारण करने के उल्लेख से होती है. आगे इंद्र के द्वारा…