पुराण और सामाजिक संरचना : व्यक्ति से समाज तक की दृष्टि
पुराण केवल व्यक्ति की कथा नहीं हैं पुराणों को पढ़ते समयअक्सर ध्यान किसी एक पात्र पर टिक जाता है.राजा, ऋषि, देवता या असुर. लेकिन यदि केवल व्यक्ति पर ध्यान रखा जाए,तो पुराणों का एक बड़ा उद्देश्यअनदेखा रह जाता है. पुराण व्यक्ति के माध्यम सेसमाज की संरचना को समझाते हैं. समाज को समझाने के लिए कथा…