श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 6: साधक की यात्रा और भक्ति का अनुभव
पिछले अध्याय में हमने देखा कि जीवन में सही मार्गदर्शन और भक्ति का महत्व कितना आवश्यक है. यदि उस संदर्भ को समझना हो, तो उसे भक्ति का महत्व और जीवन में मार्गदर्शन में देखा जा सकता है, जहां यह स्पष्ट किया गया है कि केवल ज्ञान नहीं, बल्कि भक्ति ही जीवन को पूर्णता देती है….