पुराणों में भक्ति की भूमिका : ज्ञान से अनुभव तक की यात्रा
भक्ति केवल भावना नहीं है सामान्य रूप से भक्ति को केवल भावुकता माना जाता है पर पुराणों की दृष्टि में भक्ति इससे कहीं गहरी है. यह मनुष्य और दैवी चेतना के बीच जीवित संबंध है जहाँ दूरी कम होती है और निकटता जन्म लेती है. ज्ञान और भक्ति का संबंध ऐसा लगता है मानो ज्ञान…