श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 15: पांडवों का वैराग्य और भगवान श्रीकृष्ण के प्रस्थान का प्रभाव
पिछले अध्याय में हमने युधिष्ठिर द्वारा अनुभव किए गए अशुभ संकेतों को समझा, जो समय के परिवर्तन की ओर संकेत कर रहे थे, यदि उस प्रवाह को समझना हो, तो उसे पांडवों की चिंता और युधिष्ठिर के अशुभ संकेत में देखा जा सकता है. अब इस अध्याय में उन संकेतों का वास्तविक परिणाम सामने आता…