अथर्ववेद कांड 1 (भाग 7) : जीवन में संतुलन और सहायक शक्तियाँ
जहाँ जीवन अकेला नहीं होता अब तक जो बात शरीर, प्रवाह और ऊर्जा तक सीमित दिखाई दे रही थी, वह यहाँ थोड़ा और विस्तृत रूप लेती है. जीवन को यहाँ केवल एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में नहीं देखा गया. यह एक संबंध है. ऐसा लगता है कि जीवन अपने आप नहीं चलता. उसके साथ…