ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 63 | इन्द्र का अद्वितीय पराक्रम, वज्र और भक्तों की रक्षा
ऋग्वेद के प्रथम मंडल का सूक्त 63 इन्द्र के उस स्वरूप का परिचय कराता है जिसमें उनकी वीरता, नेतृत्व, युद्धकौशल और अपने भक्तों के प्रति संरक्षण का भाव एक साथ दिखाई देता है. इस सूक्त में ऋषि इन्द्र की शक्ति का वर्णन केवल उनके पराक्रम के लिए नहीं करते, बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि वह…