वेदों में अग्नि का अर्थ : ज्वाला से चेतना तक की यात्रा
ऋग्वेद की शुरुआत अग्नि से क्यों ऋग्वेद का प्रथम मंत्र अग्नि को संबोधित करता है – “अग्निमीळे पुरोहितं…”. यह कोई संयोग नहीं है. यदि किसी ग्रंथ की शुरुआत जिस शब्द से होती है, वह शब्द उस पूरी परंपरा की दिशा का संकेत देता है. इसलिए यह प्रश्न स्वाभाविक है कि वेदों ने अग्नि को इतना…