श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 14: पांडवों की चिंता और युधिष्ठिर के अशुभ संकेत
पिछले अध्याय में हमने विदुर के उपदेश और धृतराष्ट्र के वैराग्य को समझा, जहां जीवन की अनित्यता और वैराग्य का गहरा संदेश दिया गया था. यदि उस प्रवाह को समझना हो, तो उसे विदुर का उपदेश और धृतराष्ट्र का वैराग्य में देखा जा सकता है. अब इस अध्याय में कथा एक नए भाव की ओर…