अठारह महापुराण कौन-कौन से हैं और उनका महत्व क्या है
महापुराण की अवधारणा क्या है भारतीय परंपरा में पुराणों की संख्या बहुत अधिक मानी जाती है. पर उनमें से अठारह ग्रंथों को विशेष रूप से महापुराण कहा गया. यह विभाजन महत्व के आधार पर कम और परंपरा के संरक्षण के आधार पर अधिक है. अर्थात इन ग्रंथों मेंधर्म, इतिहास, कथा, दर्शन सबका विस्तृत रूप मिलता…