वेदों में इंद्र का प्रतीकात्मक अर्थ : शक्ति, चेतना और संघर्ष का संकेत
ऋग्वेद में इंद्र का स्थान ऋग्वेद में अग्नि के बाद यदि किसी देवता का सबसे अधिक उल्लेख मिलता है, तो वह इंद्र हैं. अनेक सूक्त उनके नाम समर्पित हैं. यह बार-बार का उल्लेख संकेत करता है कि इंद्र वैदिक चेतना में एक केंद्रीय स्थान रखते थे. परंतु प्रश्न यह है – क्या इंद्र केवल वर्षा…