श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 1: मंगलाचरण और नैमिषारण्य में ऋषियों के प्रश्न
श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रथम अध्याय केवल एक आरंभ नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्रंथ की दिशा तय करता है. यहां से वह संवाद प्रारंभ होता है, जो आगे चलकर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के गहन स्वरूप को उजागर करता है. इस अध्याय में पहले भगवान का स्मरण किया गया है और फिर नैमिषारण्य में एकत्रित…