श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 7: अश्वत्थामा, द्रौपदी और धर्म का सूक्ष्म निर्णय
पिछले अध्याय में हमने एक साधक की यात्रा और भक्ति के अनुभव को समझा, जहां यह स्पष्ट हुआ कि सत्संग और भक्ति जीवन को कैसे परिवर्तित करते हैं. यदि उस प्रवाह को समझना हो, तो उसे साधक की यात्रा और भक्ति का अनुभव में देखा जा सकता है. अब इस अध्याय में कथा एक महत्वपूर्ण…