कठोपनिषद का सार : नचिकेता की जिज्ञासा से आत्मज्ञान की दिशा तक
एक प्रश्न से शुरू हुई यात्रा कठोपनिषद की पूरी यात्रा एक छोटे से प्रश्न से शुरू होती है. नचिकेता यह जानना चाहता है कि मृत्यु के बाद क्या होता है. यह प्रश्न नया नहीं है. मनुष्य बहुत लंबे समय से इस प्रश्न के बारे में सोचता रहा है. लेकिन कठोपनिषद इस प्रश्न को केवल दार्शनिक…