ऋग्वेद मंडल 1 सूक्त 55 | इन्द्र की विराट शक्ति, पराक्रम और भक्तों की रक्षा
ऋग्वेद के अनेक सूक्तों में इन्द्र देव के पराक्रम का वर्णन मिलता है, लेकिन प्रथम मंडल का सूक्त 55 विशेष रूप से उनकी विराट सत्ता, धर्मरक्षक स्वरूप तथा भक्तों के प्रति उनकी कृपा को उजागर करता है. इस सूक्त में इन्द्र केवल युद्ध के विजेता नहीं हैं, बल्कि वे प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने…