श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 8: कुंती की प्रार्थना और जीवन का गहरा दर्शन
पिछले अध्याय में हमने धर्म, करुणा और न्याय के बीच संतुलन को समझा, जहां जीवन के कठिन निर्णयों का सामना कैसे करना है, यह बताया गया. यदि उस प्रसंग को समझना हो, तो उसे अश्वत्थामा, द्रौपदी और धर्म का सूक्ष्म निर्णय में देखा जा सकता है. अब इस अध्याय में कथा एक अत्यंत भावनात्मक और…