श्रीमद्भागवत महापुराण स्कंध 1 अध्याय 4: व्यास जी की आंतरिक स्थिति और भागवत रचना का कारण
पिछले अध्याय में भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भगवान समय-समय पर धर्म की स्थापना के लिए प्रकट होते हैं. यदि उस प्रवाह को समझना हो, तो उसे भगवान के अवतारों का वर्णन और उनका उद्देश्य में देखा जा सकता है. अब इस अध्याय में कथा एक नए…