ज्ञान और अज्ञान का भेद : जो देखा नहीं जाता, वही भ्रम बनता है
अज्ञान हमेशा अँधेरा नहीं होता अज्ञान को हम अक्सर पूरी तरह अँधेरे की तरह सोचते हैं.मानो जहाँ अज्ञान है, वहाँ कुछ भी दिखाई नहीं देता. लेकिन उपनिषदों की दृष्टि अलग है. वे कहते हैं – अज्ञान कई बार प्रकाश जैसा ही लगता है. बस उसका स्रोत सही नहीं होता. यही कारण है कि मनुष्य गलत…